ETF क्या है | What is ETF in Hindi

दोस्तों, क्या आप भी स्टॉक मार्केट में सीधे पैसे लगाने से डरते हैं? क्या आपको लगता है कि किसी एक कंपनी का शेयर खरीदना बहुत रिस्की हो सकता है? अगर आपका जवाब हाँ है, तो आपके लिए ETF (Exchange Traded Fund) निवेश करने का सबसे बेहतरीन और सुरक्षित तरीका हो सकता है।

आज के इस डिजिटल युग में ईटीएफ (ETF) निवेशकों के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लेकिन बहुत से नए निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर ईटीएफ क्या है और इसमें एसआईपी (SIP) कैसे की जाती है?

ईटीएफ क्या है

ETF का सरल शब्दों में मतलब होता है - Exchange Traded Fund (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड)। ईटीएफ भी काफी हद तक एक म्यूचुअल फंड की तरह ही होता है। लेकिन इसमें एक बड़ा और मुख्य अंतर यह है कि यह सीधे Stock Exchange (शेयर बाजार) पर लिस्टेड होता है और वहां इसके यूनिट्स की ट्रेडिंग एक सामान्य स्टॉक (जैसे Reliance, TCS, या Infosys) की तरह लाइव मार्केट प्राइस पर की जाती है।

जब आप म्यूचुअल फंड खरीदते हैं, तो आपको दिन के अंत में नेट एसेट वैल्यू (NAV) मिलती है। लेकिन ईटीएफ के मामले में, आप लाइव मार्केट आवर्स (जब शेयर बाजार खुला होता है) के दौरान कभी भी रीयल-टाइम प्राइस पर इसे खरीद या बेच सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आप भारत की टॉप 50 कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, तो आप सीधे Nifty ETF (जैसे Nifty BeES) खरीद सकते हैं। जब आप निफ्टी ईटीएफ खरीदते हैं, तो आपका पैसा अपने आप निफ्टी 50 के इंडेक्स की सभी 50 कंपनियों में उनके वेटेज के हिसाब से निवेश हो जाता है। इसी तरह, सोने में निवेश करने के लिए Gold ETF (जैसे Gold BeES) और चांदी के लिए Silver ETF उपलब्ध हैं। यह निवेश का एक बहुत ही पारदर्शी और सुरक्षित माध्यम है।

ETF और म्यूचुअल फंड में अंतर (Difference Between ETF and Mutual Funds)

म्यूचुअल फंड और ईटीएफ दोनों ही पैसिव या एक्टिव निवेश के बेहतरीन माध्यम हैं, लेकिन इन दोनों के काम करने की प्रणाली में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण अंतर होते हैं, जिन्हें समझना एक निवेशक के लिए बेहद जरूरी है:

ETF और म्यूचुअल फंड में अंतर (Difference Between ETF and Mutual Funds)

लाइव ट्रेडिंग और प्राइसिंग (Live Trading & Pricing)

म्यूचुअल फंड में आपको लाइव प्राइस नहीं मिलता है। आप जब म्यूचुअल फंड में निवेश का ऑर्डर देते हैं, तो आपको उस दिन के अंत का एनएवी (NAV) या अगले दिन का एनएवी मिलता है। इसके विपरीत, ETF सीधे स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है। इसलिए, बाजार के चालू रहने के दौरान आप हर सेकंड बदलते हुए लाइव प्राइस पर ईटीएफ खरीद सकते हैं।

डीमैट अकाउंट की जरूरत (Demat Account Requirement)

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आपको किसी डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत नहीं होती है। आप सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट या किसी भी म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर ऐप के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। लेकिन चूंकि ईटीएफ एक शेयर की तरह एक्सचेंज पर लिस्टेड होता है, इसलिए ETF को खरीदने और बेचने के लिए आपके पास एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना अनिवार्य है।

फिक्स्ड यूनिट्स बनाम फिक्स्ड अमाउंट (Fixed Units Vs Fixed Amount)

म्यूचुअल फंड में जब आप एसआईपी (SIP) करते हैं, तो आपकी निवेश राशि (Amount) फिक्स होती है, जैसे ₹1,000 या ₹5,000 प्रति महीना। इस राशि के बदले में आपको म्यूचुअल फंड कंपनी से फ्रैक्शनल यूनिट्स (जैसे 15.34 यूनिट्स) मिल जाती हैं। लेकिन ईटीएफ में ऐसा नहीं होता है। 

ईटीएफ में आप फ्रैक्शनल यूनिट नहीं खरीद सकते। आपको हमेशा पूरा यूनिट (जैसे 1 यूनिट, 2 यूनिट, या 5 यूनिट) ही खरीदना पड़ेगा। इसलिए, ईटीएफ एसआईपी में आपकी राशि फिक्स नहीं होती, बल्कि नंबर ऑफ यूनिट्स (Number of Units) फिक्स होती हैं।

फंड्स डेबिट करने की प्रक्रिया (Funds Debit Process)

म्यूचुअल फंड एसआईपी में बैंक मैंडेट के जरिए पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट से कटकर म्यूचुअल फंड हाउस के पास चला जाता है। लेकिन ईटीएफ एसआईपी के मामले में, पैसा आपके डीमैट/ट्रेडिंग अकाउंट के लेजर फंड्स से कटता है। इसलिए, जब भी एसआईपी की तारीख आए, आपके ट्रेडिंग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए या आपको ऑटो-फंड ट्रांसफर के लिए बैंक मैंडेट सेट करना पड़ता है।

ब्रोकरेज और चार्जेस (Brokerage & Charges)

ईटीएफ को खरीदते और बेचते समय आपको वही ब्रोकरेज और ट्रांजैक्शन चार्जेस देने होते हैं जो सामान्य शेयर्स को खरीदने और बेचने पर लगते हैं। म्यूचुअल फंड्स में इस प्रकार के डायरेक्ट ब्रोकरेज चार्जेस नहीं होते हैं।

ETF में SIP कैसे करें? (How to do ETF SIP in Hindi)

ETF में SIP कैसे करें? (How to do ETF SIP in Hindi)


दोस्तों, बहुत से लोगों को यह गलतफहमी होती है कि चूंकि ईटीएफ शेयर की तरह खरीदा जाता है, इसलिए इसमें सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) नहीं की जा सकती। लेकिन आज के आधुनिक डिस्काउंट ब्रोकर्स ने इस प्रक्रिया को बहुत ही आसान और ऑटोमेटेड बना दिया है। 

चलिए हम भारत के दो सबसे बड़े ब्रोकरेज ऐप्स - Groww App और Zerodha (Kite App) के माध्यम से इसकी पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।

Groww App से Gold ETF में SIP करने की प्रक्रिया

यदि आप Groww App का उपयोग करते हैं और सोने में निवेश के लिए Gold ETF या किसी अन्य इंडेक्स ईटीएफ में एसआईपी शुरू करना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।

सबसे पहले अपने मोबाइल में Groww एप्लीकेशन को ओपन करें। लॉगिन करने के बाद आपको होम स्क्रीन पर स्टॉक्स (Stocks) और म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के विकल्प दिखाई देंगे।

होम स्क्रीन पर नीचे की तरफ स्क्रॉल करें। वहां आपको Product & Tools (प्रोडक्ट एंड टूल) का एक बॉक्स दिखाई देगा, जिसमें आपको ETF (ईटीएफ) का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करें।

ईटीएफ सेक्शन में जाने के बाद आपको कई सारे पॉपुलर ईटीएफ दिखाई देंगे। नीचे स्क्रॉल करने पर कलेक्शन (Collection) में आपको 'Gold' का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करते ही आपके सामने भारत के सभी प्रमुख गोल्ड ईटीएफ (जैसे Nippon India Gold ETF BeES, ICICI Pru Gold ETF आदि) की लिस्ट आ जाएगी। आप अपनी पसंद का बेस्ट ईटीएफ सेलेक्ट कर लें।

ईटीएफ सेलेक्ट करने के बाद आप उसका चार्ट देख सकते हैं। यहां आप 1 दिन, 1 हफ्ता, 1 महीना, 3 महीना, 6 महीना और लॉन्ग टर्म का रिटर्न ट्रैक कर सकते हैं।

स्क्रीन पर नीचे की तरफ आपको SIP, Sell, और Buy के तीन बटन दिखाई देंगे। आपको SIP वाले बटन पर क्लिक करना है।

अब आपको वह राशि दर्ज करनी है जिससे आप एसआईपी शुरू करना चाहते हैं। ध्यान रहे कि Groww में स्टॉक और ईटीएफ एसआईपी शुरू करने के लिए मिनिमम अमाउंट ₹200 होना चाहिए। अमाउंट डालने के बाद आप अपनी पसंद के अनुसार Weekly (साप्ताहिक) या Monthly (मासिक) अंतराल चुन सकते हैं। इसके बाद 'Update' बटन पर क्लिक करें।

स्टॉक एसआईपी क्रिएट करें: अंत में नीचे दिए गए Create Stock SIP (क्रिएट स्टॉक एसआईपी) बटन पर क्लिक करें। जैसे ही आप क्लिक करेंगे, आपकी स्टॉक एसआईपी सफलतापूर्वक क्रिएट हो जाएगी। स्क्रीन पर 'Done' का बटन दबाकर बाहर आ जाएं। इस प्रकार आपकी ईटीएफ एसआईपी हर महीने या हफ्ते अपने आप तय राशि के अनुसार ईटीएफ यूनिट्स खरीदती रहेगी।

Zerodha (Kite App) से ETF में SIP करने की प्रक्रिया

यदि आप Zerodha का उपयोग करते हैं, तो इसमें ईटीएफ एसआईपी शुरू करने की प्रक्रिया बहुत ही व्यवस्थित और अनूठी है। Zerodha हमें Baskets (बास्केट) और SIP Scheduler (एसआईपी शेड्यूलर) का उपयोग करके अपनी एसआईपी को पूरी तरह से कस्टमाइज करने की अनुमति देता है।

Zerodha में ईटीएफ एसआईपी सेटअप करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड नीचे दी गई है:

बास्केट क्रिएट करना (Creating a New Basket)

सबसे पहले Kite Zerodha ऐप ओपन करें और नीचे मेनू में Orders (ऑर्डर्स) वाले सेक्शन पर जाएं। ऑर्डर्स सेक्शन में ऊपर की तरफ स्लाइड करके Baskets पर क्लिक करें।

अब New Basket पर क्लिक करें और अपनी बास्केट को एक नाम दें (जैसे - "ETF SIP") और कंटिन्यू पर क्लिक करें।
बास्केट असल में एक झोले या कार्ट की तरह होता है जिसमें हम अपने पसंदीदा ईटीएफ शेयर्स को पहले से चुनकर रख लेते हैं।

खाली बास्केट ओपन होने के बाद सर्च बार में जाएं। अपनी रिसर्च के अनुसार ईटीएफ सर्च करें, जैसे - Nifty BeES (निफ्टी के लिए) या Gold BeES (सोने के लिए)। ईटीएफ सेलेक्ट करके Buy बटन पर क्लिक करें। यहाँ आपको कुछ विशेष सेटिंग्स का ध्यान रखना होगा

Quantity (मात्रा): जितने यूनिट्स आप हर महीने खरीदना चाहते हैं, वह दर्ज करें (जैसे - 5 या 10 यूनिट्स)।
Product Type: इसे हमेशा Longterm (CNC) पर ही सेट रखें। इंट्राडे (MIS) का चयन बिल्कुल न करें।
Order Type: इसे हमेशा Market (मार्केट) पर ही रखें। यदि आप 'Limit' ऑर्डर लगाते हैं, तो हो सकता है कि एसआईपी वाले दिन वह प्राइस न आए और आपका ऑर्डर एग्जीक्यूट न हो।

सेटिंग्स पूरी होने के बाद Add बटन पर क्लिक करके इसे बास्केट में जोड़ लें। इसी तरह आप एक से अधिक ईटीएफ भी एक ही बास्केट में जोड़ सकते हैं।

एसआईपी सेटअप करना (Setting up the SIP)

बास्केट बनाने के बाद वापस ऑर्डर्स में SIPs वाले टैब पर जाएं और New SIP बटन दबाएं। अपनी एसआईपी को एक नाम दें (जैसे - "ETF Index SIP")। अब Link Basket वाले विकल्प में जाकर अपनी बनाई गई बास्केट (जैसे - "ETF SIP") को सेलेक्ट करें। आप चाहें तो एक साथ 3 अलग बास्केट भी लिंक कर सकते हैं।

अब आपको मंथली शेड्यूल (Monthly Schedule) सेट करना है। आप चुन सकते हैं कि हर महीने की किस तारीख को (जैसे - हर महीने की 2, 5 या 16 तारीख को) यह एसआईपी एग्जीक्यूट होनी चाहिए। 

इसके बाद आपको समय (Time) भी सेट करना होगा (जैसे - दोपहर 12:30 बजे या सुबह 10:00 बजे)। सुबह 10:00 बजे का समय सबसे सही रहता है क्योंकि तब तक मार्केट पूरी तरह सेटल हो जाता है।

आप चाहें तो एक ही महीने में 5 अलग-अलग तारीखें भी सेट कर सकते हैं जिससे आपकी साप्ताहिक (Weekly) या पाक्षिक (Bi-weekly) एसआईपी भी शुरू हो जाएगी।

बैंक मैंडेट और ऑटोमेशन (Bank Mandate for Funds Transfer):

बैंक मैंडेट और ऑटोमेशन (Bank Mandate for Funds Transfer):

ध्यान रहे कि ईटीएफ एसआईपी का पैसा आपके डीमैट/ट्रेडिंग अकाउंट के लेजर से कटता है, आपके बैंक अकाउंट से सीधे नहीं।

यदि एसआईपी की तारीख पर आपके डीमैट अकाउंट में फंड्स नहीं होंगे, तो ऑर्डर फेल हो जाएगा। इस समस्या के समाधान के लिए Zerodha में Bank Mandate (बैंक मैंडेट) सेट करने का बहुत अच्छा फीचर है।

इसके लिए अपनी बनाई गई एसआईपी पर जाएं, Edit पर क्लिक करें और Bank Mandate का विकल्प चुनकर अपनी बैंक डिटेल्स के साथ मैंडेट एक्टिवेट करें। इसके बाद आपकी एसआईपी की तारीख पर आवश्यक राशि आपके बैंक से सीधे डीमैट अकाउंट में आकर ऑर्डर एग्जीक्यूट हो जाएगा।

अब अंत में एसआईपी को क्रिएट करके एक्टिवेट कर दें। आप जब चाहें इस एसआईपी को Pause (पॉज़), Resume (रिज्यूम) या Delete (डिलीट) कर सकते हैं।

US ETF क्या है और इसमें निवेश कैसे करें? (US ETF Me Invest Kaise Kare)

US ETF क्या है और इसमें निवेश कैसे करें? (US ETF Me Invest Kaise Kare)

आज के समय में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को केवल भारत तक ही सीमित नहीं रखना चाहते हैं। वे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका के बाजारों में भी अपना पैसा निवेश करके पोर्टफोलियो को विविधीकृत (Diversify) करना चाहते हैं। अमेरिकी बाजार में निवेश करने का सबसे सरल और सुरक्षित माध्यम है US ETF।

जिस तरह हमारे देश में निफ्टी 50 और बैंक निफ्टी दो मुख्य इंडेक्स हैं, उसी तरह अमेरिकी बाजार के तीन सबसे बड़े और लोकप्रिय इंडेक्स हैं:

Nasdaq 100 (नैस्डैक 100): इसमें अमेरिका की टॉप 100 मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी की बड़ी कंपनियाँ आती हैं जैसे Apple, Microsoft, Google, Meta, और Nvidia।

S&P 500 (एसएंडपी 500): इसमें अमेरिका की 500 सबसे बड़ी कंपनियाँ शामिल होती हैं।
Dow Jones Index (डाउ जोंस इंडेक्स)।

भारतीय निवेशक सीधे अपने भारतीय डीमैट अकाउंट (जैसे Zerodha) के माध्यम से इन अमेरिकी मार्केट्स में निवेश करने वाले निम्नलिखित ईटीएफ खरीद सकते हैं

MON100 (Motilal Oswal Nasdaq 100 ETF): यह ईटीएफ अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनियों के इंडेक्स नैस्डैक 100 को पूरी तरह ट्रैक करता है।

Nasdaq Quality 50 Index ETF: यह नैस्डैक 100 की चुनिंदा 50 हाई-क्वालिटी कंपनियों में निवेश करने का मौका देता है।

MAFANG (Mirae Asset NYSE FANG+ ETF): यह ईटीएफ मुख्य रूप से अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों जैसे Facebook (Meta), Amazon, Netflix, Google, Apple और Nvidia जैसी कंपनियों में निवेश करता है।

MASPTOP50 (Mirae Asset S&P 500 Top 50 ETF): यह अमेरिकी बाजार के S&P 500 इंडेक्स की टॉप 50 बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है।

यूएस ईटीएफ को खरीदना भी भारत के सामान्य शेयर्स खरीदने जैसा ही आसान है। आपको बस अपने Zerodha Kite ऐप के सर्च बार में जाना है। वहाँ इन ईटीएफ के सिंबल (जैसे MON100, MAFANG, MASPTOP50) सर्च करने हैं। ध्यान रहे कि रैंडम नाम सर्च करने पर शायद यह न दिखे, इसलिए सही सिंबल ही टाइप करें। 

सिंबल सेलेक्ट करके Buy बटन दबाएं और Longterm (CNC) सेलेक्ट करके मार्केट ऑर्डर के साथ स्वाइप टू बाय कर लें। यह आपके पोर्टफोलियो को ग्लोबल एक्सपोजर देने का सबसे आसान तरीका है।

ETF SIP के मुख्य फायदे (Benefits of ETF SIP in Hindi)

अगर आप म्यूचुअल फंड की जगह ईटीएफ में एसआईपी शुरू करते हैं, तो आपको निम्नलिखित बेहतरीन फायदे मिलते हैं:

कम एक्सपेंस रेशियो (Low Expense Ratio)

etf कम एक्सपेंस रेशियो (Low Expense Ratio)



म्यूचुअल फंड्स को एक्टिवली मैनेज करने के लिए फंड मैनेजर्स की बड़ी टीम होती है, जिसके कारण उनका एक्सपेंस रेशियो (सालाना फीस) 1% से 2% तक हो सकता है। इसके विपरीत, ईटीएफ पैसिवली मैनेज होते हैं जो सिर्फ इंडेक्स को फॉलो करते हैं। इसलिए इनका एक्सपेंस रेशियो बहुत ही कम (अक्सर 0.1% से 0.3% के बीच) होता है। लॉन्ग टर्म में यह मामूली सा अंतर आपके मुनाफे में लाखों रुपये का बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।

रीयल-टाइम खरीदारी और नियंत्रण (Real-time Purchase)


म्यूचुअल फंड में जब आप पैसे डालते हैं, तो उस समय बाजार चाहे जितना भी ऊपर-नीचे हो रहा हो, आपको दिन के अंत की एक ही एनएवी मिलती है। लेकिन ईटीएफ में आपको लाइव मार्केट की कीमतों पर ट्रेडिंग करने की सुविधा मिलती है। आप लाइव बाजार के दौरान कभी भी अपनी मनपसंद कीमत पर ईटीएफ के यूनिट्स खरीद सकते हैं।

पोर्टफोलियो विविधीकरण (Instant Portfolio Diversification)

पोर्टफोलियो विविधीकरण (Instant Portfolio Diversification)

ईटीएफ में निवेश करके आप एक ही झटके में पूरे मार्केट या किसी विशेष सेक्टर में निवेश कर देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप निफ्टी ईटीएफ खरीदते हैं, तो आपका पैसा देश की टॉप 50 कंपनियों में बंट जाता है, जिससे किसी एक कंपनी के डूबने का रिस्क पूरी तरह खत्म हो जाता है।

कोई लॉक-इन पीरियड नहीं


अधिकांश ईटीएफ में निवेश करने पर किसी भी प्रकार का कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता है और न ही कोई एग्जिट लोड होता है। आप जब चाहें लाइव मार्केट आवर्स के दौरान अपने यूनिट्स को बेचकर पैसा सीधे अपने अकाउंट में पा सकते हैं।

ETF SIP करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Important Tips)

स्टॉक या ईटीएफ में एसआईपी शुरू करना बहुत फायदेमंद है, लेकिन एक समझदार निवेशक के तौर पर आपको निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए

डीमैट अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखें

ETF डीमैट अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखें


स्टॉक एसआईपी का पैसा सीधे बैंक अकाउंट से नहीं कटता है। इसलिए हर महीने अपनी एसआईपी की निर्धारित तारीख से पहले अपने डीमैट अकाउंट के फंड्स वाले सेक्शन में पर्याप्त राशि जरूर रखें, या फिर बैंक मैंडेट सेटअप कर लें।

फिक्स्ड यूनिट्स की अवधारणा को समझें

म्यूचुअल फंड की तरह ईटीएफ एसआईपी में आपकी राशि (Amount) फिक्स नहीं रहेगी। इसमें आपके यूनिट्स (Quantity) फिक्स रहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने हर महीने निफ्टी बीस के 5 यूनिट्स खरीदने की एसआईपी की है, तो किसी महीने निफ्टी बीस का प्राइस ₹250 होने पर आपके ₹1250 कटेंगे, और किसी महीने प्राइस ₹270 होने पर ₹1350 कटेंगे।

अवकाश के दिन ऑर्डर एक्जीक्यूशन

यदि आपकी एसआईपी की तारीख किसी सरकारी छुट्टी, शनिवार या रविवार के दिन आती है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आपका ऑर्डर अगले ही दिन (जब शेयर मार्केट खुलेगा) सुबह अपने आप एग्जीक्यूट हो जाएगा।

हमेशा मार्केट ऑर्डर का ही चुनाव करें

ईटीएफ एसआईपी सेटअप करते समय प्राइस टाइप में हमेशा 'Market' ही सेलेक्ट करें। लिमिट ऑर्डर लगाने से कई बार बाजार में वह तय दाम न आने के कारण आपका आर्डर उस दिन कैंसिल हो सकता है।

मार्केट आवर्स में ही ट्रेडिंग

ईटीएफ को खरीदने और बेचने का काम केवल उसी समय हो सकता है जब शेयर बाजार खुला होता है (सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक)। म्यूचुअल फंड की तरह आप इसमें बाजार बंद होने के बाद कभी भी ट्रेडिंग नहीं कर सकते।

लॉन्ग टर्म निवेश पर ध्यान दें

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ईटीएफ को हमेशा लॉन्ग टर्म (CNC) के नजरिए से ही खरीदना चाहिए। इसे कभी भी शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग या इंट्राडे के लिए इस्तेमाल न करें, खासकर यदि आप एक शुरुआती निवेशक हैं।

ETF Ki SIP Kaise Kre in Hindi [2026] के इस बेहद महत्वपूर्ण और विस्तृत आर्टिकल में आज आपने सीखा कि ETF क्या होता है, यह सामान्य म्यूचुअल फंड से किस तरह अलग है, और आप Groww App तथा Zerodha (Kite) का उपयोग करके गोल्ड और इंडेक्स ईटीएफ में एसआईपी कैसे शुरू कर सकते हैं। इसके साथ ही हमने यूएस के शानदार इंडेक्स ईटीएफ के बारे में भी जाना।

ईटीएफ में एसआईपी करना वित्तीय स्वतंत्रता की ओर बढ़ने का एक बहुत ही सरल, पारदर्शी और कम खर्च वाला बेहतरीन माध्यम है।

आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित होगी। अगर आपके मन में ईटीएफ एसआईपी को लेकर कोई भी सवाल या संशय है, तो आप नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में हमसे बेझिझक पूछ सकते हैं।

यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर Share करें ताकि वे भी इस बेहतरीन निवेश विकल्प के बारे में जान सकें। ऐसे ही आसान और काम के फाइनेंसियल आर्टिकल्स के लिए हमें जरूर फॉलो करें और कमेंट करके हमें अपना बहुमूल्य सुझाव दें!